उचित जोड़ियाँ बनाइए :
( I)विद्यार्थी मंडल नो
(॥)उपनिषद-छह
(iii) ज्ञानेश्वरी -सत्या सत्याग्रह
'स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है', विषय पर स्वमत लिखिए।
उत्तर : दुनिया में स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ नहीं होता । शरीर यदि स्वस्थ हो तो सब कुछ अच्छा लगता है। लेकिन यदि हम थोड़ा-सा भी बीमार हों तो दुनिया बेमानी लगती है। किसी भी काम में मन नहीं लगता। यदि शरीर स्वस्थ हो तो सब कुछ अच्छा लगता है। इसीलिए स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन कहा गया है। तन और मन का गहरा संबंध है। एक स्वस्थ तो दूसरा भी स्वस्थ । इसीलिए कहा गया - पहला सुख निरोगी काया । निरोगी काया के लिए न केवल तन बल्कि मन के भी स्वस्थ रहने की आवश्यकता है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।
उचित जोड़ियाँ बनाइए :
'अ' ब
(i) राष्ट्रीय शिक्षा व्रत
॥)विनोबा जी का साध्य योजना
३) ब्रह्मचर्य आश्रम
उत्तर -
राष्ट्रीय शिक्षा - योजना
विनोबा जी का साध्य - आश्रम
ब्रह्मचर्य -व्रत
अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तित करके लिखिए। सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं। (विधानार्थक)
उत्तर :(1) क्या सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं। (प्रश्नार्थक) (2) तुम सबसे मिलो। (आज्ञार्थक)
(3) वाह! सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं। (विस्मयार्थक) (4) सब तुमसे मिलने को उत्सुक होंगे। (संदेहार्थक) (5) तुमसे मिलने को कोई उत्सुक नहीं है। (निषेधार्थक)
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