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पहिली ते दहावी संपूर्ण अभ्यास

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Thursday, 15 January 2026

दहवी हिंदी १.भारत महिमा

 हिंदी.  १. भारत महीमा



कृति 1 : (आकलन)


(1) नाम लिखिए: 


 कविता में प्रयुक्त दो धातुओं के नाम-


   - लोहा 

   

   - स्वर्ण





(5) निम्नलिखित पंक्तियों का तात्पर्य लिखिए: 


   (i) कहीं से हम आए थे नहीं।


       - हम भारतवासी किसी अन्य देश से आकर यहाँ नहीं बसे। हम यहीं के निवासी हैं। सभ्यता के प्रारंभ से हम यहीं रहते आए हैं।







कृति 1 : (आकलन) 


(1) आकृति पूर्ण कीजिए :


     भारतीय संस्कृति की दो विशेषताएँ -


      - दानशीलता 

   

      - अतिथि सत्कार




 (2) उचित जोड़ियाँ मिलाइए :


    

   संचय सत्य अतिथि रल वचन दान हृदय तेज देव


    (i) संचय        -  दान   

    

   (ii) सत्य         -   वचन


   (iii) अतिथि     -   देव


   (iv) रत्न          -  तेज ।





निम्नलिखित पंक्तियों का तात्पर्य लिखिए, :


 (i) वही हम दिव्य आये संतान ।


      - भारतवासी आर्य थे और हम उन्हीं आयों की दिव्य संतानें हैं।

 


 (ii) किसी को देख न सके विपन्ना


      - भारतीय कभी किसी को दुखी नहीं देख सके। दीन-दुखियों की सेवा करने के लिए हम भारतीय सदैव तत्पर रहते हैं।


• निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :

(1) रचनाकार का नाम → जयशंकर प्रसाद। 

2) रचना की विधा → कविता ।

(3) पसंद की पंक्तियाँ → व्योमतम पुंज हुआ तब नष्ट, अखिल संसृति हो उठी अशोक। 

(4) पंक्तियाँ पसंद होने का कारण → भारतीयों ने पूरे विश्व   में ज्ञान का प्रसार किया, जिसके कारण समग्र संसार आलोकित हो गया। अज्ञान रूपी अंधकार का विनाश हुआ और संपूर्ण सृष्टि के सभी दुख-शोक दूर हो गए।

(5) रचना से प्राप्त संदेश / प्रेरणा → हमें सदैव अपने देश   और  इसकी संस्कृति पर गर्व करना चाहिए। जब भी आवश्यकता पड़े, देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

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